विधानसभा सत्र में उठेगा नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली का मुद्दा, युवाओं को खेलों से जोड़ने पर दिया जोर
रामपुर बुशहर, विशेषर नेगी।
हिमाचल प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता जताते हुए ठियोग के विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि नशे पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इसके प्रमुख स्रोतों तक पहुंचना बेहद जरूरी है। उन्होंने माना कि नशे के खिलाफ प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। राठौर ने निजी नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
रामपुर बुशहर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे की आपूर्ति के प्रमुख स्रोतों की पहचान कर उन पर प्रभावी कार्रवाई करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है, लेकिन नशे के खिलाफ लड़ाई को निर्णायक बनाने के लिए और प्रयास करने होंगे।
निजी नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
राठौर ने प्रदेश में संचालित निजी नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं और उपचार प्रक्रिया पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि इन केंद्रों में उपचार के लिए भेजे गए युवाओं में कितने लोगों की स्थिति में वास्तविक सुधार हुआ है और उपचार के बाद कितने युवा सामान्य जीवन में लौट पा रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं कुछ केंद्र युवाओं के उपचार के बजाय केवल कमाई का माध्यम तो नहीं बन रहे हैं। राठौर के अनुसार, इन केंद्रों की कार्यप्रणाली, उपचार की गुणवत्ता और परिणामों का आकलन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावित युवाओं के पुनर्वास के लिए सरकारी स्तर पर भी बेहतर आधारभूत ढांचा विकसित करने की जरूरत है।
नए जिलों के गठन में जनता की राय जरूरी
प्रदेश में नए जिलों के गठन को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौर ने कहा कि इस संबंध में आयोग का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि नए जिलों के गठन से जुड़ा कोई भी निर्णय लेते समय आम जनता और जनप्रतिनिधियों की राय को महत्व दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और लोगों की व्यावहारिक जरूरतों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
खेलकूद से युवाओं को मिलेगी सकारात्मक दिशा
राठौर ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की समस्या से निपटने के लिए नशे के स्रोतों पर कार्रवाई, प्रभावी उपचार व्यवस्था, युवाओं का पुनर्वास और खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन देने जैसे प्रयासों को साथ लेकर चलना जरूरी है।
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