जिला शिमला के रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र का भटवाड़ी गांव वीरवार रात सुर्खियों में आ गया। पहाड़ की शांत रात में लोकगीतों की गूंज, ढोल-नगाड़ों की थाप और नाटी के रंग ने ऐसा माहौल बनाया कि गांव में दिवाली से पहले ही उत्सव जैसा नजारा दिखाई दिया। वजह थी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का गांव में पहुंचना और वहीं रात्रि प्रवास करना। मुख्यमंत्री को फाफरा, कोदे की रोटी, लाल चावल और राजमा समेत कई पारंपरिक पकवान परोसे गए। सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री जब भटवाड़ी पहुंचे तो ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया। महिलाएं और ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। लोकगीत लामण की गूंज के बीच मुख्यमंत्री का स्वागत हुआ। इसके बाद नाटी शुरू हुई तो मुख्यमंत्री भी खुद को रोक नहीं पाए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर रोहड़ू जाना मेरी आमिये… नाटी गाकर समां बांध दिया। मुख्यमंत्री ने भी औपचारिक कार्यक्रम तक खुद को सीमित नहीं रखा और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की। ग्रामीणों ने गांव की समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समस्याओं के जल्द समाधान के निर्देश दिए। इससे कार्यक्रम केवल स्वागत समारोह न रहकर ग्रामीणों और सरकार के बीच सीधे संवाद का मंच बन गया।


काशापाट में अपने घर जैसा अपनापन महसूस किया: सीएम    

शुक्रवार शाम को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रामपुर विधानसभा के दुर्गम क्षेत्र काशापाट में रात बिताने पहुंचे। इस दाैरान सीएम ने ग्रामीणों के साथ नाटी डाली। सीएम ने सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में लिखा- रात के गहराने के साथ-साथ पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज भी बढ़ती गई। दामणी, कंडी, पाट और काशा में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के अपार स्नेह ने मन को भीतर तक गदगद कर दिया। मानो जैसे जन-जन की आत्मीयता ने इस रात को थाम दिया हो।  काशापाट में अपने घर जैसा अपनापन महसूस किया। अपनों के बड़ी संख्या में साथ होने से आज की रात खास बन गई। सीएम ने आगे लिखा- लोक नृत्य की खूबसूरती यही है कि आप कब इसकी लय का हिस्सा बन जाते हैं, पता ही नहीं चलता। पारंपरिक परिधान में स्थानीय लोगों के साथ नाटी डाली। ये शाम अन्य से अलग और ज्यादा यादगार रहेगी।


 

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