हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने संजौली के चलौंठी में फोरलेन निर्माण के कारण मकान को हुए नुकसान के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधवालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। मामले के अनुसार संजौली के चलौंठी (वर्मा निवास) की रहने वाली बुजुर्ग विधवा देवकी देवी ने कोर्ट में अपनी शिकायत सौंपी है। शिकायत में बताया कि एनएचएआई के ठेकेदार मैसर्स गाॅवर शिमला हाईवे प्राइवेट लिमिटेड की ओर से किए जा रहे फोरलेन निर्माण कार्य के कारण उनका मकान पूरी तरह असुरक्षित हो गया है और उन्हें घर छोड़ना पड़ा है। कोर्ट ने इस प्रतिवेदन की प्रति एनएचएआई को सौंपते हुए इस पर जवाब दाखिल करने को कहा है। प्रभावित देवकी देवी ने अपनी अर्जी में प्रशासन और एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।