शिमला नगर निगम के सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजरों से जुड़ी कथित सेवा संबंधी अनियमितताओं की शिकायत पर हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। आयोग ने शिमला नगर निगम के आयुक्त को पत्र भेजकर मामले की जांच करने और 15 दिनों के भीतर विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट तथा एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला गदर फ्रंट हिमाचल प्रदेश के संयोजक रवि कुमार दलित की ओर से आयोग के समक्ष उठाया गया था। आयोग के सदस्य सचिव विश्रुत भारती (HPAS) ने छह अगस्त 2025 को नगर निगम आयुक्त को पत्र भेजकर अभ्यावेदन में लगाए गए आरोपों पर आवश्यक कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।




हड़ताल अवधि से जुड़े कई आरोप


आयोग के समक्ष दिए गए अभ्यावेदन में आरोप लगाया गया कि हड़ताल की अवधि के दौरान सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजरों की कथित बर्खास्तगी की गई। इसके अलावा वेतन में कटौती, दोबारा नियुक्ति के समय शपथ-पत्र या अंडरटेकिंग लेने और अन्य सेवा संबंधी अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं। आयोग ने नगर निगम आयुक्त से कहा है कि अभ्यावेदन में उठाए गए हर आरोप पर पैरावाइज टिप्पणी उपलब्ध कराई जाए, ताकि मामले के तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सके।

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