सुरेश शांडिल्य, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Thu, 13 Aug 2026 05:15 AM IST

कोई ग्लेशियर झील टूटे और उसी दौरान आसमान से अत्यधिक बारिश हो जाए तो ब्यास व सतलुज जैसी नदियां बहुत खतरनाक रूप ले सकती हैं। अध्ययन में यह नया अनुमान सामने आया है। 


More than 680 structures will be destroyed as rains, coupled with a glacial lake outburst, wreak havoc.

हिमाचल में ग्लेशियर झील टूटने से मच सकती है तबाही।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क



विस्तार

हिमालय में कोई ग्लेशियर झील टूटे और उसी दौरान आसमान से अत्यधिक बारिश हो जाए तो ब्यास व सतलुज जैसी नदियां बहुत खतरनाक रूप ले सकती हैं। दोनों नदी घाटियों में 680 से अधिक ढांचे ध्वस्त हो सकते हैं। इनमें जलविद्युत परियोजनाओं, धार्मिक स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के साथ नदी के आसपास मौजूद संरचनाएं शामिल हैं। ब्यास और सतलुज हिमाचल की जलविद्युत व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। दोनों नदी बेसिन में बड़ी संख्या में बिजली परियोजनाएं और उनसे जुड़ा बुनियादी ढांचा मौजूद है। अध्ययन में यह नया अनुमान सामने आया है। वैज्ञानिकों ने ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) और अत्यधिक बारिश से आने वाली बाढ़ को एक साथ जोड़कर मॉडल तैयार किया है। 


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