हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के शांति विहार वार्ड के समिट्री और ढींगू बावड़ी क्षेत्र में कई मकानों में दरारें आने के बाद फोरलेन टनल का निर्माण रोक दिया गया है। प्रशासन ने इसके निर्माण पर रोक लगाते हुए एनएचएआई को भवनों को सुरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र में बने आठ मकानों में आईं दरारों का जायजा लेने के लिए शनिवार दोपहर बाद एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी की अगुवाई में टीम ने घरों की दरारों का जायजा लिया, मकान मालिकों और स्थानीय लोगों की शिकायतों को सुना। कंपनी के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे थे। प्रशासन ने टनल निर्माण के कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करने, मकानों में आईं दरारों के असल कारणों का पता लगाने के लिए जांच किए जाने और मकानों को सुरक्षित करने को आवश्यक कदम उठाने को कहा।


दरारों के कारणों की जांच की रिपोर्ट सामने आने पर ही प्रशासन टनल निर्माण कार्य शुरू करने को अनुमति देगा। प्रशासनिक अधिकारियों के सामने लोगों का गुस्सा जमकर फूटा। लोगों ने फोरलेन टनल निर्माण करवा रही कंपनी और  एनएचएआई को इस नुकसान के लिए मिम्मेदार ठहराया। आरोप है कि निर्माण करने से पूर्व स्थानीय लोगों को विश्वास में नहीं लिया गया, भवनों की सुरक्षा का कोई ख्याल नहीं रखा गया, इसके लिए कोई कदम नहीं उठाए गए । उनकी रातों की नींद हराम हो गई है, हर समय भय के साए में लोग जीने को मजबूर हैं। रात को ब्लास्टिंग से ही मकानों में दरारें आई हैं। जमीन के अंदर दो समानांतर टनल का निर्माण किया जा रहा है। सर्वे में आए दस में से आठ मकानों में अंदर फर्श, दीवारों और डंगों में दरारें आई हैं। भवन मालिकों और स्थानीय लोगों ने टनल निर्माण कार्य तुरंत बंद करवाने की प्रशासन से मांग की। दरारें आने के कारणों का पता लगाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी या विशेषज्ञों से जांच करवाने की मांग को भी उठाई। भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही निर्माण शुरू हो।

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