अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Sat, 19 Sep 2026 03:22 PM IST

मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमक्खी पालन हिमाचल प्रदेश में एक महत्वपूर्ण कृषि एवं आजीविका गतिविधि है। यह विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए अतिरिक्त आय तथा स्वरोजगार का महत्वपूर्ण साधन है। 


Shimla: A delegation of beekeepers, led by the Deputy Chief Whip, met CM Sukhu.

उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू से भेंट की।
– फोटो : संवाद



विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से शनिवार को उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश के मधुमक्खी पालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को मधुमक्खी पालन में आ रही विभिन्न समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में छोटे छत्ते वाले भृंग, एथिना टुमिडा मरे का तेजी से प्रसार हो रहा है, जिसके कारण विशेषकर निचले हिमाचल के मधुमक्खी पालकों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमक्खी पालन हिमाचल प्रदेश में एक महत्वपूर्ण कृषि एवं आजीविका गतिविधि है। यह विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए अतिरिक्त आय तथा स्वरोजगार का महत्वपूर्ण साधन है। इसके साथ ही मधुमक्खियां परागण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। प्रदेश सरकार मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार इस समस्या का वैज्ञानिक तरीके से समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी ताकि मधुमक्खी पालकों को किसी प्रकार के नुकसान का सामना न करना पड़े।


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