हिमाचल ने 14वें वित्तायोग का पैसा विकास कार्यों में खर्च कर लिया है। पंचायतीराज विभाग की ओर से केंद्रीय मंत्रालय को उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा कर दिया है। अब केंद्र की ओर से पंचायतों को 16 वें वित्तायोग की पहली किस्त जारी होगी। पुराना पैसा खर्च न किए जाने को लेकर केंद्र सरकार ने हिमाचल की किस्त रोक दी थी। अब केंद्र की गाइडलाइन की अनुसार विकास कार्यों की प्लान केंद्र को भेजा जा रहा है। 31 सितंबर तक विकास कार्यों के प्लान केंद्र को भेजने होंगे।




केंद्र से मिलने वाली 16वें वित्तायोग की पहली किस्त से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास हो सकेगा। अगले महीने से पंचायतों में विभिन्न विकास कार्य तेजी से शुरू हो जाएंगे। पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों पर केंद्र सरकार की कड़ी नजर रहेगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि धनराशि का उपयोग निर्धारित योजनाओं के अनुसार हो। किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविक विकास संभव हो सकेगा।

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