शिमला, विशेषर नेगी।
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए शिमला पुलिस ने जांच का दायरा पंजाब तक बढ़ाते हुए एक कथित मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कोटखाई में 29 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामदगी से जुड़े मामले की जांच के दौरान की गई। पुलिस ने आरोपी की पहचान सुखपाल सिंह (28), निवासी गांव मनियाना, जिला संगरूर, पंजाब के रूप में की है। उसे 10 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार, कोटखाई में दर्ज मामले के दौरान आरोपी अंकित, निवासी देवरी-खनेटी, के कब्जे से करीब 29 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए नशे की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया।
तकनीकी साक्ष्यों से मिला सप्लायर का सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सऐप चैट और इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR) का विश्लेषण किया। पुलिस के मुताबिक, इन साक्ष्यों में पंजाब निवासी सुखपाल सिंह के साथ नशे की खरीद-फरोख्त से संबंधित बातचीत सामने आई। इसके आधार पर पुलिस की विशेष टीम पंजाब भेजी गई, जहां गहन जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। मामले में आगे की जांच के जरिए नशे की सप्लाई से जुड़े अन्य संपर्कों और नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
2026 में 86 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार करने का दावा
शिमला पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक 86 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है और 64 नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि अब कार्रवाई केवल नशे की छोटी खेप बरामद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी साक्ष्यों और बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कोटखाई का यह मामला भी इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें स्थानीय स्तर पर चिट्टा बरामद होने के बाद कथित सप्लायर तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य नशे की आपूर्ति करने वाली कड़ियों की पहचान कर तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है। मामले में जांच जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed