रामपुर बुशहर, विशेषर नेगी। हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्र रामपुर बुशहर में अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026 का आयोजन 11 से 14 नवंबर तक किया जाएगा। चार दिवसीय मेले में पहाड़ी संस्कृति, बॉलीवुड और पंजाबी संगीत की धूम रहेगी। वहीं, चामुर्थी घोड़ों की प्रदर्शनी, पारंपरिक लवी बाजार, लेजर शो, मिस्टर-मिस बुशहर प्रतियोगिता और पारंपरिक व्यंजनों का महोत्सव भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। मेले की तैयारियों को लेकर उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आयोजन की रूपरेखा तय की गई।
लवी मेला केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि बुशहर की ऐतिहासिक विरासत और सदियों पुरानी व्यापारिक परंपराओं का प्रतीक है। इस वर्ष मेले को अधिक व्यवस्थित, आकर्षक और जनभागीदारी वाला बनाने के साथ स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प, कृषि-बागवानी उत्पादों तथा पारंपरिक कारोबार को विशेष पहचान देने की योजना बनाई गई है।
चार सांस्कृतिक संध्याओं में पहाड़ी, बॉलीवुड और पंजाबी संगीत की धूम
लवी मेले के दौरान चार सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित होंगी। इनमें दो संध्याएं पहाड़ी संस्कृति और लोक संगीत को समर्पित रहेंगी, जबकि एक संध्या बॉलीवुड तथा दूसरी पंजाबी संगीत पर आधारित होगी।
इसके अतिरिक्त खेलकूद प्रतियोगिताएं, पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रतियोगिता, कवि सम्मेलन, वॉल आर्ट प्रतियोगिता और मिस्टर एवं मिस बुशहर प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। लेजर शो के माध्यम से भी मेले को आकर्षक बनाने की योजना है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि लवी मेला बुशहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। इसके माध्यम से पारंपरिक व्यापार को बढ़ावा देने के साथ विलुप्त होती कलाओं, वस्तुओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोजन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
बुशहर रियासत के इतिहास और विरासत की दिखेगी झलक
इस बार मेले में बुशहर रियासत के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए ऐतिहासिक एवं विरासत प्रदर्शनी लगाने के साथ पुराने छायाचित्रों और दस्तावेजों को भी प्रदर्शित करने की योजना है।
मेले में पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, ऊनी उत्पाद, पारंपरिक आभूषण, स्थानीय कृषि उत्पाद और बागवानी से जुड़ी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सेब सहित अन्य बागवानी उत्पादों, पारंपरिक व्यंजनों, स्वयं सहायता समूहों (SHG), किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और स्थानीय उत्पादों को भी स्थान दिया जाएगा।
पारंपरिक शिल्प का सजीव प्रदर्शन, स्थानीय वास्तुकला, रामपुर हेरिटेज वॉक और पारंपरिक लवी बाजार आयोजन के विशेष आकर्षण होंगे। इसके अलावा बुशहर और तिब्बत के बीच रहे ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
चामुर्थी घोड़ों की प्रदर्शनी, 400 और 800 मीटर की दौड़ भी होगी
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के मैदान में आयोजित होने वाली अश्व प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध चामुर्थी नस्ल के घोड़े आकर्षण का केंद्र रहेंगे। पहाड़ी क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में चलने की क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले इन घोड़ों का पशुपालन और व्यापार की दृष्टि से भी विशेष महत्व है।
इस बार अन्य राज्यों की घोड़ों की नस्लों को भी प्रदर्शनी में शामिल करने की योजना है। इसके लिए दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों को आमंत्रित करने पर विचार किया जाएगा, ताकि अश्वपालन से जुड़े अनुभवों और व्यापारिक संभावनाओं को बढ़ावा मिल सके।
प्रदर्शनी के दौरान घोड़ों की 400 मीटर और 800 मीटर दौड़ के साथ गुब्बारा फोड़ जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
किसान गोष्ठी में पशुपालन और अश्वपालन पर होगी चर्चा
मेले में किसान गोष्ठी के माध्यम से पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, उचित खान-पान, देखभाल और बेहतर पशुपालन तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। अन्य राज्यों से आने वाले प्रतिनिधि भी अपने अनुभव साझा करेंगे।
इसके साथ अश्वपालकों की समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान के संभावित उपाय तलाशे जाएंगे। इससे पशुपालन क्षेत्र से जुड़े लोगों को उपयोगी जानकारी मिलने और आपसी अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।
किन्नौरी मार्केट को मिलेगा एक समान स्वरूप
लवी मेले में लगने वाली किन्नौरी मार्केट को इस बार व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। आयोजन समिति की ओर से बाजार के लिए एक ही शैली की कैनोपी उपलब्ध करवाने की योजना है, जिससे पूरे बाजार में एकरूपता बनी रहेगी।
किन्नौरी मार्केट में पारंपरिक सूखे मेवे, दालें, कपड़े और अन्य स्थानीय वस्तुओं का कारोबार होता है। ऐसे में बाजार को बेहतर स्वरूप देने से स्थानीय व्यापारियों और खरीदारों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
रामपुर शहर में होगी विशेष लाइटिंग, पार्किंग की भी व्यवस्था
मेले के दौरान रामपुर शहर को आकर्षक बनाने के लिए विशेष लाइटिंग और सजावट की जाएगी। शहर के विभिन्न स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त मेले की स्मारिका के लिए स्कूली विद्यार्थियों और आम नागरिकों से लेख आमंत्रित किए जाएंगे।
लोगों की सुविधा के लिए पिछले वर्ष की तुलना में अधिक अस्थायी पेयजल कनेक्शन उपलब्ध करवाने की योजना है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी और शहर के अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे करीब 300 पुलिस कर्मी
मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 300 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बैठक में सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी देते हुए बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरवजीत सिंह को सुरक्षा व्यवस्था का प्रभारी बनाया जाएगा।
भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। मेले के दौरान जुआ खेलने जैसी अवैध गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
सरकारी विभागों की प्रदर्शनियों में दिखेंगी नई उपलब्धियां
लवी मेले में विभिन्न सरकारी विभाग अपनी प्रदर्शनियां लगाएंगे। इनमें पिछले तीन वर्षों के दौरान किए गए प्रमुख कार्यों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी मिल सके।
इस बार विभागों को पिछले वर्ष प्रदर्शित की जा चुकी उपलब्धियों को दोहराने के बजाय नई उपलब्धियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
पहली बार स्कूली विद्यार्थियों के लिए होगी निबंध प्रतियोगिता
विद्यार्थियों को लवी मेले के इतिहास से जोड़ने के उद्देश्य से इस बार रामपुर शहर और आसपास के स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
प्रतियोगिता के प्रारंभिक चरण में प्रत्येक स्कूल से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का चयन अंतिम चरण के लिए किया जाएगा। अंतिम प्रतियोगिता में भी प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा अन्य प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन पुरस्कार दिए जाएंगे।
प्रतियोगिता का विषय लवी मेले का इतिहास रहेगा। इसके नियमों और शर्तों की जानकारी जल्द जारी की जाएगी।
नशामुक्ति से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक चलेगा जागरूकता अभियान
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के दौरान सांस्कृतिक और व्यापारिक गतिविधियों के साथ जन-जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत नशामुक्त हिमाचल अभियान, सड़क सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त स्वच्छ एवं हरित लवी अभियान, प्लास्टिक मुक्त मेला, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और पौधरोपण जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। इन पहलों का उद्देश्य मेले को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।

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