हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने तलाक मामले में स्पष्ट किया कि पत्नी की ओर से पति के चरित्र पर बेबुनियाद आरोप लगाना और उसके वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से शिकायत करना मानसिक क्रूरता के दायरे में आता है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि सशस्त्र बल (सेना) एक सख्त अनुशासन, उच्च नैतिक मानकों और आचार संहिता पर काम करते हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई जीवनसाथी अपने साथी के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को अनैतिक व्यवहार या अवैध संबंधों की लिखित शिकायतें भेजता है, तो यह महज एक साधारण घरेलू विवाद नहीं रह जाता। यह कदम कार्यस्थल पर उस व्यक्ति की प्रतिष्ठा, सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
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