संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Thu, 24 Sep 2026 05:45 AM IST

प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि एक ही ग्रेड में समान कार्य कर रहे किसी वरिष्ठ अधिकारी का वेतन उसके कनिष्ठ से कम नहीं हो सकता।  भले ही उस कनिष्ठ कर्मचारी को सांविधानिक आरक्षण नियमों के तहत समय से पहले पदोन्नति क्यों न मिल गई हो।


Himachal: Senior officer's salary in the same grade cannot be lower than a junior's; High Court clarifies.

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
– फोटो : अमर उजाला



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 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि एक ही ग्रेड में समान कार्य कर रहे किसी वरिष्ठ अधिकारी का वेतन उसके कनिष्ठ से कम नहीं हो सकता। भले ही उस कनिष्ठ कर्मचारी को सांविधानिक आरक्षण नियमों के तहत समय से पहले पदोन्नति क्यों न मिल गई हो। कोर्ट ने कहा कि जब दो अधिकारी एक ही ग्रेड में हैं और समान कार्य कर रहे हैं, तो वरिष्ठ को कनिष्ठ से कम वेतन देना पूरी तरह से अवैध, मनमाना और भेदभावपूर्ण है। वित्त विभाग की यह दलील मान्य नहीं है कि आरक्षण रोस्टर के कारण वेतन संरक्षण नहीं दिया जा सकता। न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए प्रदेश सरकार को वरिष्ठता सूची को दोबारा तैयार करने और वेतन को कनिष्ठ कर्मचारियों के बराबर करने का आदेश दिया है ।


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