हिमाचल प्रदेश में रविवार को मौसम ने करवट ली। राजधानी शिमला, धर्मशाला, ऊना और नाहन के कई क्षेत्रों में बारिश हुई। बिलासपुर के उपमंडल स्वारघाट के कई गांवों में अंधड़ और मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज हवाओं के कारण खेतों में पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी मक्की की फसल जमीन पर बिछ गई। प्रदेश में रविवार शाम तक 71 सड़कें और 24 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। मौसम विभाग ने सोमवार को भी कई जिलों में बारिश के आसार जताए हैं। 19 सितंबर तक मौसम खराब रहने की संभावना है।




भट्ठाकुफर के नेरीधार में दोपहर करीब तीन बजे अचानक पहाड़ी से भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से आसपास के भवनों को खतरा पैदा हो गया। मलबे की चपेट में आई डस्टर गाड़ी दब गई। ऊना में सुबह उमस के बाद दोपहर में बादल छा गए। अंब के कुछ हिस्सों में बारिश हुई, जबकि जिला मुख्यालय में शाम करीब 3:45 बजे तेज हवाओं के साथ करीब आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। धर्मशाला में शाम को जोरदार बारिश हुई। शिमला में दोपहर को बादल बरसे। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 32 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज की 27, सरकाघाट की तीन, सुंदरनगर और थलौट की एक-एक सड़क शामिल है। कुल्लू में 19 सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं। भूस्खलन के कारण हाईवे-305 पर बसों की आवाजाही बंद है। निरमंड में एचटी लाइन में खराबी से 32 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। गोहर में भी बिजली के 40 ट्रांसफार्मर प्रभावित रहे।

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