अनिमेष कौशल, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Sat, 03 Oct 2026 06:45 AM IST

मानसून सीजन में कम बारिश के कारण जल विद्युत परियोजनाओं में घटे उत्पादन ने हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड की चिंता बढ़ा दी है। हालात ये हैं कि कई क्षेत्रों में अघोषित कट लगने शुरू हो गए हैं। राजधानी शिमला में बीते दो दिनों से पीक आवर्स में 15-15 मिनट के कट लग रहे हैं।

Power crisis deepens in Himachal: 20% drop in generation; unscheduled cuts begin.

हिमाचल में बिजली उत्पादन गिरा।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क



विस्तार

हिमाचल प्रदेश में बिजली संकट गहराने लगा है। मानसून सीजन में कम बारिश के कारण जल विद्युत परियोजनाओं में घटे उत्पादन ने हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड की चिंता बढ़ा दी है। हालात ये हैं कि कई क्षेत्रों में अघोषित कट लगने शुरू हो गए हैं। राजधानी शिमला में बीते दो दिनों से पीक आवर्स में 15-15 मिनट के कट लग रहे हैं। प्रदेश में मौजूदा समय में रोजाना करीब 280 से 300 लाख यूनिट तक बिजली उत्पादन हो रहा है, जबकि खपत 380 लाख यूनिट से अधिक पहुंच गई है। यानी प्रतिदिन 80 से 100 लाख यूनिट तक की कमी सामने आ रही है। कमी पूरा करने के लिए बोर्ड बाहरी स्रोतों से बिजली जुटाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन उत्तरी ग्रिड और ओपन मार्केट से भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। हिमाचल की बिजली व्यवस्था मुख्य रूप से जल विद्युत परियोजनाओं पर निर्भर है। मानसून में सामान्य से करीब 11 फीसदी कम बारिश होने का असर सीधे परियोजनाओं के उत्पादन पर पड़ा है।


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