हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों में 38 पूर्व सैनिकों को प्रशिक्षु आधार पर प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के पद पर नियुक्ति दी गई है। स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से टीजीटी आर्ट्स, मेडिकल और नॉन मेडिकल वर्ग में इन नियुक्तियों के आदेश जारी किए गए हैं।
नियुक्ति पाने वाले सभी चयनित अभ्यर्थियों को अपने आवंटित स्कूल में आदेश जारी होने के 10 दिन के भीतर कार्यभार संभालना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित अवधि के भीतर ज्वाइनिंग नहीं करता है, तो उसकी नियुक्ति का प्रस्ताव बिना किसी अलग नोटिस के स्वत: वापस माना जाएगा।
नियुक्त किए गए शिक्षकों को 22,860 रुपये प्रतिमाह का निश्चित वेतन दिया जाएगा। टीजीटी के रूप में उनकी प्रारंभिक नियुक्ति अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है। इस अवधि के दौरान यदि संबंधित शिक्षक का कार्य और प्रदर्शन संतोषजनक पाया जाता है, तो नियुक्ति को साल-दर-साल आगे बढ़ाया जा सकेगा।
दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में भी देनी होगी सेवा
नियुक्ति आदेश में ग्रामीण, दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में तैनाती को लेकर भी स्पष्ट शर्त रखी गई है। यदि किसी चयनित अभ्यर्थी को ऐसे क्षेत्र के सरकारी स्कूल में नियुक्त किया जाता है, तो बाद में सामान्य क्षेत्र में स्थानांतरण या तैनाती बदलने का दावा नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा यदि कोई चयनित अभ्यर्थी ग्रामीण, दुर्गम या जनजातीय क्षेत्र में दी गई नियुक्ति को स्वीकार नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष तक या अगली भर्ती प्रक्रिया तक दोबारा नियुक्ति के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य नियुक्त शिक्षकों को आवंटित स्कूलों में समय पर कार्यभार ग्रहण करवाने के साथ-साथ ग्रामीण, दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
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