बघाट बैंक ने अब डिफाल्टरों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। बैंक ने 120 डिफाल्टरों और उनके गारंटरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट निकाले हैं। इसे सहायक पंजीयक की अदालत में भेज दिया गया है, वहां से अब संबंधित जिलों को पुलिस अधीक्षकों को वारंट जाएंगे ताकि डिफाल्टरों की गिरफ्तारियां हो सकें। इसके साथ ही, 237 अन्य डिफाल्टरों की संपत्तियां अटैच करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसमें कई बड़े डिफाल्टर भी हैं, जिनसे करीब 2 से 3 करोड़ रुपये की लेनदारी है और वह न तो किस्तें भर रहे हैं और न ही बैंक में आ रहे।




बैंक प्रबंधन ने इस माह डिफाल्टरों से सबसे अधिक वसूली करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह कदम बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट उन डिफाल्टरों  के खिलाफ हैं जिन्होंने लंबे समय से ऋण चुकाया नहीं है।  इन वारंटों में ऋण लेने वाले और उनके गारंटर दोनों शामिल हैं। बैंक ने 237 डिफाल्टरों की संपत्तियों को अटैच करने के लिए एक विस्तृत सूची भी तैयार की है। इन संपत्तियों को जब्त कर नीलामी के माध्यम से बकाया राशि वसूल की जाएगी।  बैंक अधिकारियों के अनुसार उनकी रिकवरी की रफ्तार काफी तेज है ताकि जल्द से जल्द बैंक से कैपिंग हट सके। गौरतलब है कि बघाट बैंक के डिफाल्टरों को लेकर लंबे समय से कार्रवाई चल रही है। सरकार की कोशिश है कि लोगों का पैसा सुरक्षित रहे और ऋण के रूप में सारा पैसा वापस आ जाए।

Source: Read original article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed