हिमाचल प्रदेश की महिलाएं अब घर और परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सामाजिक सेवा, कारोबार, कला, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। प्रदेश की महिलाओं की इसी प्रतिभा, संघर्ष और उपलब्धियों को सलाम करते हुए अमर उजाला की ओर से सोमवार को राजधानी शिमला के ईस्ट बॉर्न होटल खलीनी में नारी शक्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम से मिसाल पेश कर रहीं 60 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
मुख्यातिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सम्मानित महिलाओं को स्मृति चिह्न प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि समय तेजी से बदल रहा है और इस बदलाव की सबसे बड़ी तस्वीर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी में दिखाई देती है। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। महिलाएं मात्र वोट बैंक नहीं हैं, बल्कि समाज के विकास की निर्णायक शक्ति बन चुकी हैं।
अवसर मिलने पर हर चुनौती पार कर सकती हैं महिलाएं
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की महिलाओं ने प्रदेश, देश और विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने साबित किया है कि अवसर मिलने पर वे हर चुनौती को पार कर सकती हैं। शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में बदलाव का संकेत है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अधिक अवसर और मंच उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है। जब बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, तो इसका लाभ केवल उन्हें ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को मिलता है।
25 साल के राजनीतिक सफर में देखा बदलाव
मुकेश अग्निहोत्री ने अपने करीब 25 वर्ष के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वह पहली बार विधायक बने थे, तब ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति आज जैसी नहीं थी। शिक्षा के मामले में भी बड़ा अंतर था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूलों और कॉलेजों के विस्तार से हालात बदले हैं।
शिक्षा की पहुंच बढ़ने से बेटियों और महिलाओं के सपनों को पंख मिले हैं। अब ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। यह बदलाव केवल महिलाओं के जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे परिवार और समाज की सोच बदल रही है।
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