हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जल शक्ति विभाग में जूनियर इंजीनियर (सिविल) से असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) के पदों पर पदोन्नति के लिए आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की सिफारिशों को निरस्त कर दिया है। खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि सरकार 30 सितंबर 2026 तक या उससे पहले रिव्यू डीपीसी आयोजित करे और उसके बाद एक सप्ताह के भीतर आवश्यक आदेश व अधिसूचना जारी करे।
रिव्यू डीपीसी का आयोजन सभी प्रासंगिक नियमों, नियमों, निर्देशों और वरिष्ठता के मापदंडों के अनुसार किया जाएगा। अदालत ने कहा कि रिव्यू डीपीसी के फैसले से यदि कोई पक्ष असहमत रहता है, तो उसके पास नियमानुसार कानूनी उपाय अपनाने की स्वतंत्रता रहेगी। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश अमित कुमार, किशोर कुमार, बलबीर सिंह तथा दिवांशू महाजन द्वारा दायर याचिकाओं का एक साथ निपटारा करते हुए जारी किया।
याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि 8 जुलाई 2026 को आयोजित डीपीसी में उनकी वरिष्ठता को दरकिनार कर कनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय में अतिरिक्त सचिव (जल शक्ति) के माध्यम से जानकारी दी कि सरकार ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से 8 जुलाई 2026 की डीपीसी की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
Source: Read original article
