मानसून सीजन में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़), भूस्खलन और बादल फटने से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम सोमवार को चंबा और शाहपुर के बोह पहुंची। बोह में टीम ने नुकसान का जायजा लेने के साथ प्रभावित ग्रामीणों और पंचायत प्रधान से बातचीत कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की जानकारी जुटाई। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय दल ने स्थानीय ग्रामीण राणा देवी से विशेष रूप से मुलाकात की, जिन्होंने फ्लैश फ्लड की आशंका को भांपते हुए समय रहते ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया था। इससे पहले टीम ने चुवाड़ी में जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आपदा प्रबंधन-द्वितीय) एवं आईएमसीटी अध्यक्ष एम. रामचंद्रुडु ने बैठक की अध्यक्षता की।




अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा ने बैठक का संचालन किया। बैठक में केंद्रीय टीम को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में मानसून के दौरान हुए नुकसान की जानकारी दी गई। सड़क, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था, मकान और अन्य भवनों के साथ कृषि, पशुपालन और शिक्षा क्षेत्र को हुए नुकसान का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। आपदा के बाद चलाए गए राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की स्थिति से भी टीम को अवगत करवाया गया। इसके बाद टीम ने भटियात क्षेत्र के विभिन्न आपदा प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने कालीघार, टिकर गला सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर मौके पर हुए नुकसान को देखा। अधिकारियों से राहत और पुनर्स्थापना कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।

Source: Read original article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed