संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Sat, 22 Aug 2026 05:00 AM IST

 मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मिलाप सिंह की ओर से दायर अनुपालना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार विस्थापितों को जैसलमेर के रेगिस्तान में धकेलने के बजाय हिमाचल प्रदेश के नजदीक फेज-1 वाले क्षेत्रों में जमीन उपलब्ध कराए।

High Court's stern rebuke: Rajasthan must not push Pong Dam displacees to Jaisalmer; it should provide land ne

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास में हो रही देरी और उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों में जमीन आवंटित करने को लेकर राजस्थान सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मिलाप सिंह की ओर से दायर अनुपालना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार विस्थापितों को जैसलमेर के रेगिस्तान में धकेलने के बजाय हिमाचल प्रदेश के नजदीक फेज-1 वाले क्षेत्रों में जमीन उपलब्ध कराए। अदालत ने कहा कि पौंग बांध के पानी का लाभ लेने के बाद विस्थापितों के पुनर्वास की जिम्मेदारी से राजस्थान सरकार पीछे नहीं हट सकती। फेज-1 की विवादमुक्त जमीन पर अवैध कब्जों का हवाला देकर विस्थापितों को आवंटन से वंचित करना उचित नहीं है।



 

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