हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के शांति विहार वार्ड के समिट्री क्षेत्र में बंदरों के हमले के बाद गंभीर रूप से घायल हुई बुजुर्ग महिला सत्या देवी की शनिवार दोपहर करीब 12:00 बजे मौत हो गई। तीन मंजिला मकान से नीचे गिरने से सत्या देवी के सिर और छाती पर गंभीर चोटें लगी थीं। इन्हें आईजीएमसी में भर्ती करवाया था। सात दिन से महिला आईसीयू में भर्ती थी। गंभीर चोटों के कारण शनिवार को महिला ने दम तोड़ दिया। स्थानीय पार्षद विनीत शर्मा के अनुसार 63 वर्षीय सत्या देवी 30 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे मकान की छत पर रखी पानी की टंकियों को देखने गई थीं।
वहां बंदरों का झुंड बैठा था जो सत्या देवी पर झपट पड़ा। इस हमले से घबराकर सत्या देवी तीन मंजिला मकान से नीचे आंगन में गिर गईं। पड़ोसियों ने उन्हें गिरते हुए देखा था। महिला के परिजन तुरंत घायल अवस्था में सत्या देवी को आईजीएमसी अस्पताल ले आए। यहां उनकी बेटी रजनी भी उनके साथ थीं। डॉक्टरों के अनुसार गंभीर चोटों के चलते महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ। सातवें दिन शनिवार को महिला ने दम तोड़ दिया। पार्षद विनीत शर्मा ने शनिवार को फिर मौके का दौरा किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस क्षेत्र में बंदरों के साथ कुत्तों का भी आतंक है। लोगों ने मांग की कि उन्हें इनसे राहत दिलाई जाए।
नगर निगम और वन विभाग मौन, पार्षद भड़के
शहर के समिट्री क्षेत्र में बंदरों के हमले के कारण महिला की मौत के बाद पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। शांति विहार के पार्षद विनीत शर्मा और साथ लगते भट्ठाकुफर वार्ड के पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि घटना के बाद नगर निगम के अधिकारियों को इसकी सूचना दी थी लेकिन मदद के लिए न निगम आगे आया और न वन विभाग। बंदरों को पकड़ने या कुत्तों को भगाने के लिए कर्मचारी तक नहीं भेजे गए।