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पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल करने की ओर बढ़ रहे हिमाचल में कई शिक्षक सरकारी ड्यूटी से आगे बढ़कर शिक्षा की लौ जला रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों में ये शिक्षक मिसाल पेश कर रहे हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कोई अपनी पगार खर्च रहा है, तो कोई स्कूल में पढ़ाने के बाद भी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहा है। किसी ने पढ़ाने के साथ-साथ देश के लिए खिलाड़ी तराशे हैं, किसी ने डिजिटल लर्निंग और नवाचार में उदाहरण पेश किए हैं। ऐसे ही शिक्षकों को शनिवार को शिक्षक दिवस पर शिमला के लोकभवन में भव्य राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने राज्य शिक्षक पुरस्कार और विशेष सम्मान से अलंकृत किया। इस दाैरान स्कूल, कॉलेज, तकनीकी शिक्षा क्षेत्र से जुड़े 32 शिक्षक, संकाय सदस्य और प्रशिक्षक राज्य स्तर पर सम्मानित किए गए। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, एमसी शिमला मेयर सुरेंद्र चाैहान सहित शिक्षा सचिव राकेश कंवर, दोनों निदेशालयों के निदेशक व अन्य गणमान्य लोग माैजूद रहे।
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में पांच शिक्षकों को भी किया सम्मानित
तकनीकी शिक्षा विभाग के पांच संकाय सदस्यों और प्रशिक्षकों को इस वर्ष श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें फार्मेसी कॉलेज नगरोटा बगवां के निदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉ. विवेक कुमार शर्मा, जेएन राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सुंदरनगर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. रितेश कौंडल, राजकीय आईटीआई पधर जिला मंडी के फिटर ट्रेड के प्रशिक्षक पोहलो राम, इलेक्ट्रिशियन ट्रेड प्रशिक्षक रवि दत्त तथा राजकीय आईटीआई मंडी के कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट ट्रेड के प्रशिक्षक सुभाष चंद शामिल हैं।

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स्नेह लता, जगदीश कुमार।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
स्नेह लता ने ग्रामीण बेटियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया, जगदीश ने 100 से अधिक खिलाड़ियों को दिलाई नौकरी
बिलासपुर। बच्छड़ी (मोरसिंघी) निवासी स्नेह लता बेटियों को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने की मिसाल बन चुकी हैं। पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने वर्ष 2010 में कोचिंग शुरू की। नर्सरी से करीब 60 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। राष्ट्रीय खेल-2023 की स्वर्ण पदक विजेता हिमाचल महिला हैंडबाल टीम की मुख्य कोच रहीं। वहीं औहर स्कूल के जगदीश कुमार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और समर्पित खेल शिक्षक हैं। वर्ष 2006 से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में 100 से अधिक प्रशिक्षित खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिली।

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खेंचोग जंगपो, राकेश सिंह।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
जंगपो ने भारी बर्फबारी में भी जलाए रखी शिक्षा की लौ, 20 वर्षों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे राकेश सिंह
केलांग (लाहौल-स्पीति)। टीजीटी नॉन मेडिकल खेंचोग जंगपो ने खेंचोग जंगपो ने वर्ष 2019 में पिन वैली के राजकीय विद्यालय गुलिंग में टीजीटी नॉन मेडिकल के रूप में सेवाएं शुरू की थीं। सर्दियों में भारी बर्फबारी के बावजूद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी। स्कूल के विद्यार्थी अब शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
धनेटा (हमीरपुर)।मझेली में कार्यरत शारीरिक शिक्षा शिक्षक राकेश सिंह 20 वर्षों से विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ने और उन्हें विभिन्न खेलों के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। अपने कार्यकाल में उन्होंने खिलाड़ियों को वॉलीबाल, हैंडबाल और ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया। स्कूल की टीमों ने प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।

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पूर्णिमा, डीपीई रोशन।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विद्यार्थियों को पर्यावरण और नवाचार से जोड़ रहीं पूर्णिमा, डीपीई रोशन के प्रशिक्षण से युवाओं को मिला मार्गदर्शन
बड़ा (हमीरपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जलाड़ी में कार्यरत टीजीटी मेडिकल शिक्षिका पूर्णिमा कुमारी का चयन राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। वह विद्यार्थियों को विज्ञान शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण और नवाचार से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। विद्यार्थियों ने वेस्ट टू बेस्ट थीम पर विभिन्न मॉडल और नवाचार तैयार किए हैं।
नेरचौक (मंडी)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बल्ह में कार्यरत डीपीई रोशन भारती के मार्गदर्शन में 98 विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इनमें से 22 खिलाड़ी स्पोर्ट्स कोटे के तहत सरकारी नौकरी हासिल कर चुके हैं। हाल में 15 और खिलाड़ियों का स्पोर्ट्स कोटे में चयन हुआ।

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रोशनी देवी, सृष्टि शर्मा।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
तीन प्राथमिक विद्यालयों के भवन का करवाया निर्माण, सिरमौर की सृष्टि शर्मा ने नवाचार को दिया बढ़ावा
नालागढ़ (सोलन)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला राजपुरा में मुख्य शिक्षिका के पद पर तैनात रोशनी देवी ने तीन प्राथमिक विद्यालयों की विद्यालय प्रबंधन समितियों को जागरूक करके और उनसे प्राप्त अनुदान राशि से पाठशाला भवन का निर्माण करवाया। जिसमें प्राइमरी स्कूल कुम्हारहट्टी, दभोटा व राजपुरा शामिल हैं।
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर की राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेमनगर में जेबीटी सृष्टि शर्मा को दूसरी बार यह सम्मान मिलने जा रहा है। सृष्टि शर्मा ने पाठशाला में न केवल नवाचार को बढ़ावा दिया, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने में भी अग्रणी भूमिका अदा की। प्री प्राइमरी कक्षाओं का संचालन शुरू कर प्रवेश संख्या बढ़ाई।
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