सड़क किसी भी गांव के लिए विकास की पहली सीढ़ी मानी जाती है, लेकिन चंबा के चुराह विधानसभा क्षेत्र की गुइला पंचायत के कई गांव आज भी सड़क सुविधा से दूर हैं। भनौड़ी, अलवास, अयूंडा और गुइला गांवों की करीब 3500 की आबादी के लिए सड़क आज भी सबसे बड़ी जरूरत बनी हुई है। सबसे कठिन स्थिति तब पैदा होती है, जब किसी ग्रामीण की मौत हो जाती है। शव को घर तक पहुंचाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को चार से पांच किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई कंधों या पीठ के सहारे तय करनी पड़ती है। पगडंडी और कठिन पहाड़ी रास्तों से शव को घर पहुंचाना परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक स्थिति बन जाती है।
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