
कसौली में खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्ट के दूसरे दिन मौजूद वक्ता व श्रोता।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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कसौली में खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्ट के दूसरे दिन मौजूद वक्ता व श्रोता।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हिमालय में विकास के नाम पर अनियोजित निर्माण से तबाही का खतरा बढ़ रहा है। वहीं जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से भविष्य में जल संकट और गहरा सकता है। यह चिंता 15वें खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्ट के दूसरे दिन शनिवार को कसौली क्लब में आयोजित ‘द हिमालयाज : क्लीयर एंड प्रेजेंट डेंजर’ सत्र में जताई गई। सत्र में जाने-माने शिक्षाविद एवं पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ऑनलाइन शामिल हुए, जबकि पूर्व आईएएस अधिकारी, पर्यावरणविद एवं लेखक डॉ. रवि चोपड़ा ने भी हिमालयी क्षेत्र के अस्तित्व पर मंडरा रहे गंभीर संकट को लेकर चेताया।
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