अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Thu, 03 Sep 2026 11:01 PM IST

प्रदेश की वित्तीय स्थिति लगातार दबाव में है। वर्ष 2024-25 में राज्य का राजस्व प्राप्तियों का 86 फीसदी हिस्सा वेतन-पेंशन व अन्य प्रतिबद्ध खर्चों और सब्सिडी में चला गया।

CAG Report: Himachal faces debt burden; 86 percent of revenue spent on salaries, pensions, and subsidies.

कैग।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क



विस्तार

 हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति लगातार दबाव में है। वर्ष 2024-25 में राज्य का राजस्व प्राप्तियों का 86 फीसदी हिस्सा वेतन-पेंशन व अन्य प्रतिबद्ध खर्चों और सब्सिडी में चला गया। इससे विकास और बुनियादी ढांचे में पूंजीगत निवेश के लिए वित्तीय गुंजाइश सीमित रह गई। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की वर्ष 2024-25 राज्य की वित्तीय स्थिति पर रिपोर्ट में बढ़ते कर्ज, ऊंचे राजस्व और राजकोषीय घाटे तथा बजट प्रबंधन से जुड़ी कई गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024-25 में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 9.20 फीसदी की वृद्धि हुई। इसके बावजूद देश की जीडीपी में हिमाचल का योगदान घटकर 0.70 फीसदी रह गया है। 


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