राजस्व लोक अदालत और विशेष राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से प्रदेश में लाखों लंबित मामलों का निपटारा किया जा चुका है, बावजूद इसके सरकार को अभी भी प्रदेश के कई क्षेत्रों से राजस्व मामलों के समय पर न निपटने की सूचनाएं मिल रही हैं। ऐसे मामलों में अब जिला उपायुक्तों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लोगों को बार-बार राजस्व कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा जरूरी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि राजस्व मामलों के निपटारे के लिए शुरू की गई राजस्व लोक अदालत और विशेष राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से प्रदेश में करीब 6.81 लाख लंबित मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इनमें 5,44,000 से अधिक इंतकाल, 47,333 तकसीम और 63,000 से अधिक निशानदेही के मामले शामिल हैं। इसके अलावा राजस्व अभिलेखों में 26,288 दुरुस्ती भी की गई हैं।
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