किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना की राह में सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ मंजूरियां नहीं, बल्कि भूगर्भीय परिस्थितियां भी रही हैं। कभी बांध की तकनीक बदली तो कभी उसका पूरा स्थल ही बदलना पड़ा। करीब 86 साल की लंबी कवायद के बाद अब यह परियोजना अपने मौजूदा स्वरूप में आगे बढ़ने की स्थिति में पहुंची है।

किशाऊ बांध परियोजना
– फोटो : Amar Ujala
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