एनआईटी हमीरपुर में शुक्रवार को तीन दिवसीय शिक्षा महाकुंभ 6.0 का शुभारंभ हुआ। पहले दिन का केंद्रीय विषय आध्यात्मिक भारत–विकसित भारत रहा। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में इसका उद्घाटन किया। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी ने सबका स्वागत किया। कटारिया ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा सदियों से उसकी पहचान और शक्ति का आधार रही है। शिक्षा के साथ संस्कारों का होना बेहद जरूरी है। संस्कारविहीन शिक्षा का कोई औचित्य नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो बच्चों की प्रतिभा पहचानने के साथ उनमें अच्छे संस्कार भी विकसित करे। शिक्षक विद्यार्थियों में छिपी विशेषताओं और प्रतिभा को पहचानकर उन्हें निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल ने नशे की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस विषय पर चर्चा के लिए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के राज्यपालों की बैठक बुलाने का प्रयास किया जा रहा है। अगले महीने बैठक की तारीख तय करने की योजना है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य आपसी सहयोग से इस समस्या का समाधान तलाश सकते हैं।
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