हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर कहर बनकर बरसा है। सिरमौर में चूना पत्थर खान में भूस्खलन होने से तीन मजदूर मलबे में दब गए, जबकि लाहौल-स्पीति में बादल फटने से सड़क बहने से नीलकंठ यात्रा पर निकले श्रद्धालु और किसानों के वाहन फंस गए हैं। भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं से प्रदेशभर में जनजीवन प्रभावित रहा। कालका-शिमला रेलमार्ग पर मलबा आने से चार ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि मंडी में एनएच-3 पर चट्टानें गिरने से यातायात बाधित हो गया। वहीं, सिरमौर में नाले में उफान आने से मातर स्कूल के 43 बच्चे और 12 अध्यापक तीन घंटे तक फंसे रहे।
Source: Read original article
