धर्मेंद्र पंडित, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Sat, 15 Aug 2026 10:32 AM IST

आईआईटी मंडी ने ग्रामीण सड़कों के लिए तैयार गाइडलाइन में ड्रेनेज को पहली प्राथमिकता देने और संवेदनशील क्षेत्रों में विस्तृत जियोटेक्निकल जांच के बाद ही निर्माण कार्य करने की सिफारिश की है।

Lessons from landslides: Roadcutting methods to change in Himachal.

भूस्खलन(सांकेतिक)।
– फोटो : संवाद



विस्तार

हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी सड़कों पर अब मनमाने तरीके से ढलान काटने पर रोक लगाने की तैयारी है। आईआईटी मंडी ने ग्रामीण सड़कों के लिए तैयार गाइडलाइन में ड्रेनेज को पहली प्राथमिकता देने और संवेदनशील क्षेत्रों में विस्तृत जियोटेक्निकल जांच के बाद ही निर्माण कार्य करने की सिफारिश की है। करीब 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 647 भूस्खलनों के अध्ययन में सामने आया कि जरूरत से ज्यादा सीधी कटिंग, खराब जल निकासी, मलबे की गलत डंपिंग और रखरखाव की कमी सड़कों को अस्थिर कर रही है।


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