हिमाचल प्रदेश में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने, भड़काऊ बयान देने और सार्वजनिक शांति भंग करने से जुड़े अपराधों पर पुलिस सीधे कार्रवाई कर सकेगी। प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 353(1) के तहत आने वाले अपराधों को राज्य की सीमाओं के भीतर संज्ञेय अपराध घोषित कर दिया है।
इसके बाद पुलिस ऐसे मामलों में बिना वारंट कार्रवाई, मामला दर्ज करने, जांच करने और गिरफ्तारी करने में सक्षम होगी। बीएनएस की धारा 353(1) सार्वजनिक उपद्रव, शांति भंग कराने वाले बयान और अफवाहों से जुड़े कृत्यों से संबंधित है। यह प्रावधान पूर्व भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 की धारा 505 के समकक्ष माना जाता है। अपराधों को संज्ञेय बनाए जाने से कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस को तत्काल कार्रवाई का अधिकार मिलेगा। इस बाबत अधिसूचना मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने जारी की है।
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