हिमाचल प्रदेश संयुक्त पेंशन संघर्ष समिति 1 सितंबर को विधानसभा का घेराव करेगी। सोमवार को अध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में 18 पेंशनर संगठनों ने 16 सूत्री मांगों पर चर्चा की। पेंशनरों ने लंबित एरियर और वित्तीय लाभों के भुगतान में देरी पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री के 13 मई 2026 के 40 फीसदी बकाया वित्तीय लाभ देने का वादा पूरा नहीं हुआ।
प्रमुख मांगों में 2016-2022 के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित वेतन पर लंबित एरियर शामिल है। 15 फीसदी महंगाई भत्ता/राहत की लंबित किस्तें और बकाया एरियर भी मांगा गया। चिकित्सा बिलों के शीघ्र भुगतान और हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को 50 हजार रुपये की किस्त देने की मांग है। बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने और पुलिस पेंशनरों को नकदी रहित चिकित्सा सुविधा देने को कहा गया।
समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार को सत्ता में आए साढ़े तीन वर्ष का समय हो गया है, लेकिन अभी तक ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठक नहीं बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को पेंशनरों की समस्याओं पर तत्काल जेएसी की बैठक बुलानी चाहिए और लंबित मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। बैठक में समिति के महामंत्री इंद्रपाल शर्मा, मीडिया प्रभारी सैनराम नेगी समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
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