हिमाचल की पहली बॉक्स टनल के निर्माण की दिशा में अब धरातल पर जमीन कब्जे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हाईकोर्ट के दखल के बाद उपायुक्त कार्यालय ने एसडीएम बालीचौकी को पत्र लिखकर थलौट में प्रभावित निजी भूमि के मालिकों को मुआवजा वितरित करने और इसके बाद उनसे शपथपत्र लेने के निर्देश दिए हैं। मुआवजा देने के बाद निर्माण कार्य के लिए जमीन का शांतिपूर्ण और निर्बाध कब्जा उपलब्ध कराया जाएगा। बीते 18 अगस्त को भेजे पत्र में प्रशासन ने हाईकोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है।
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर थलौट में प्रस्तावित यह बॉक्स टनल करीब 500 मीटर लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत 250 करोड़ रुपये है। टनल बनने से थलौट बाजार को बाईपास करने में मदद मिलेगी और यहां यातायात की समस्या हल होगी। हाईकोर्ट में बीते 11 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान एनएचएआई ने बताया था कि राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से बाहर निजी जमीन के लिए कुल 20.45 करोड़ रुपये का मुआवजा आकलित और स्वीकृत किया गया है।
इसमें से 12.74 करोड़ रुपये एसडीएम बालीचौकी के पास संबंधित भू-मालिकों को भुगतान के लिए जमा हैं। यह राशि तहुला, थलौट, नागरानी, फागू और जलानाल गांवों की निजी जमीन से संबंधित है। थलौट में आवश्यक जमीन के लिए 7.70 करोड़ रुपये का शेष मुआवजा भी आकलित किया गया है और इसके भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। संयुक्त निरीक्षण समिति ने बीते तीन जुलाई को थलौट में आरओडब्ल्यू से बाहर निजी भूमि को हुए नुकसान का निरीक्षण और आकलन किया था।
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