अदालत ने कहा कि फायर डिपार्टमेंट और प्रदूषण बोर्ड जैसी संस्थाएं जनता की सुरक्षा से जुड़ी हैं। अगर इनके जाली सर्टिफिकेट बनाने के मामलों को आपसी समझौते से निपटाया जाने लगा, तो इससे अपराधियों के हौसले बढ़ेंगे। लोग पहले फर्जीवाड़ा करेंगे और पकड़े जाने पर शिकायतकर्ता को पैसे देकर केस रफा-दफा कर लेंगे।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
– फोटो : अमर उजाला
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