
शिमला में एडवांस्ड स्टडी में रखी गईं पांडुलिपियां।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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शिमला में एडवांस्ड स्टडी में रखी गईं पांडुलिपियां।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) शिमला में प्रदर्शित एक दुर्लभ पांडुलिपि हिमालय की प्राचीन तंत्र विद्या और सांस्कृतिक परंपराओं के अध्ययन का विषय बनी हुई है। ओडिशा में मुक्ति राम ने इस पांडुलिपि की खोज की थी। इसे लगभग 5100 साल पुराना बताया गया है। इसमें महाभारत के प्रसंगों की जानकारी मिलती है। ताड़पत्रों पर लिखी यह पांडुलिपि आसानी से समझ में नहीं आती। इस कारण अब तक इसका पूरा अनुवाद नहीं हो पाया है। मुक्ति राम इस पर शोध कर रहे हैं। अब तक अनुवादित अंशों में महाभारत और हिमालय में पांडवों की यात्रा से जुड़े प्रसंग सामने आए हैं।
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