हरियाणा पुलिस ने वायरल दावे का किया खंडन, महाकुंभ से चर्चित अभय सिंह की मौत की खबर भ्रामक; हिसार में मिले शव की पहचान राहुल जैन के रूप में हुई
हिसार, हरियाणा।
सोशल मीडिया पर महाकुंभ-2025 के दौरान चर्चा में आए ‘आईआईटियन बाबा’ अभय सिंह की मौत की खबर तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि हरियाणा के हिसार में एक कमरे से उनका शव बरामद हुआ है। हालांकि, यह दावा गलत है। हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आईआईटियन बाबा अभय सिंह की मौत की खबर भ्रामक है। हिसार में जिस व्यक्ति का शव मिला था, उसकी पहचान राहुल जैन के रूप में हुई है
हिसार के पीएलए क्षेत्र में मिला था शव
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हिसार के पीएलए क्षेत्र में 35 वर्षीय राहुल जैन अपने घर के बेडरूम में मृत पाए गए थे। बताया गया कि वह शनिवार रात अपने कमरे में सोने गए थे। रविवार सुबह करीब 10 बजे तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों ने दरवाजा खुलवाया, जहां वह बेसुध अवस्था में मिले।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, कमरे से गैस सिलेंडर भी बरामद हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
IIT से पढ़े होने के कारण फैला भ्रम
राहुल जैन भी आईआईटी से पढ़ाई कर चुके थे। मीडिया रिपोर्टों में उनकी पढ़ाई का संबंध आईआईटी रुड़की से बताया गया है। दूसरी ओर, महाकुंभ के दौरान प्रसिद्ध हुए अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
दोनों का आईआईटी से संबंध होने के कारण सोशल मीडिया पर राहुल जैन की मौत को अभय सिंह से जोड़कर पोस्ट प्रसारित की जाने लगीं। इसी से आईआईटियन बाबा की मौत की अफवाह फैल गई।
पुलिस ने क्या कहा?
हिसार पुलिस के सोशल मीडिया प्रभारी अमरिंदर सिंह ने वायरल दावों का खंडन करते हुए बताया कि पीएलए क्षेत्र में मिले शव की पहचान राहुल जैन के रूप में हुई थी। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस घटना को आईआईटियन बाबा अभय सिंह से जोड़कर गलत जानकारी प्रसारित न करें।
पुलिस के अनुसार, दोनों व्यक्ति अलग-अलग हैं। इसलिए अभय सिंह की मौत का दावा करने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करना उचित नहीं है।
मौत के कारणों पर क्या स्थिति है?
राहुल जैन की मौत के मामले में शुरुआती रिपोर्टों में पुलिस द्वारा जांच किए जाने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होने की बात कही गई थी। इसलिए उपलब्ध आधिकारिक पुष्टि के बिना मौत के कारण या किसी संभावित साजिश के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
