चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस इस अभियान के जरिए चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को उठा रही है।
पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। हालांकि, पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर कांग्रेस की आपत्ति
कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया से चुनावी पारदर्शिता को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के नेता राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए संबंधित सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
हिमाचल में भी हो चुके हैं प्रदर्शन
दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर हुए प्रदर्शन से पहले हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विरोध जताया था। पार्टी ने जिला स्तर पर प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई थी। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के मुद्दे पर उसका विरोध जारी रहेगा। इस मामले में चुनाव आयोग की ओर से दिए गए आधिकारिक जवाब और संबंधित तथ्यों को भी खबर में शामिल करना जरूरी होगा, ताकि पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सके।
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