भारती मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Fri, 25 Sep 2026 05:15 AM IST

प्रदेश हाईकोर्ट ने जमीन अधिग्रहण के एक मामले में स्पष्ट किया है कि किसी नागरिक की जमीन पर बिना कानूनी प्रक्रिया और मुआवजा दिए वर्षों तक कब्जा जमाना पूरी तरह गलत है। 


Court: Taking possession of land without compensation 17 years prior to issuance of notification is illegal

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जमीन अधिग्रहण के एक मामले में स्पष्ट किया है कि किसी नागरिक की जमीन पर बिना कानूनी प्रक्रिया और मुआवजा दिए वर्षों तक कब्जा जमाना पूरी तरह गलत है। हाईकोर्ट ने सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि के मुआवजे से जुड़ी अपील पर निर्णय सुनाते हुए माना है कि अधिसूचना जारी होने से 17 साल पहले ही बिना मुआवजा दिए भूमि का कब्जा ले लेना गैरकानूनी था। न्यायाधीश रोमेश वर्मा की अदालत ने अपीलकर्ता जमीन मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को वर्ष 1990 से 2007 तक का हर्जाना और ब्याज की दर में संशोधन के आदेश दिए हैं। दरअसल लोक निर्माण विभाग ने शिमला जिले के ठियोग में कारगोली-नाला-मुंडू लिंक सड़क के निर्माण के लिए मंगत राम की जमीन का कब्जा वर्ष 1990 में ही ले लिया था, पर पैसे नहीं दिए और उस पर गाड़ियां चलने लगी थीं। 


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