हिमाचल प्रदेश के करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान की प्रक्रिया जल्द ही पूरी तरह बदलने वाली है। यूपीआई, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, भारत बिल पेमेंट सिस्टम, आरटीजीएस-एनईएफटी, क्यूआर कोड, पीओएस मशीन और व्हाट्सएप पेमेंट जैसे अलग-अलग डिजिटल माध्यमों को अब एक ही मंच पर लाने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य बिजली बोर्ड ने इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक से अधिकृत पेमेंट एग्रीगेटर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म और चैनलों के बीच भटकना नहीं पड़ेगा।
Source: Read original article
