पत्नी दूसरे बेटे को भी साथ ले जाने की धमकी दे रही थी, इसलिए गुस्से में आकर बेटे को रावी नदी में फेंक दिया। इस बात का खुलासा आरोपी पिता हितेश कुमार ने पुलिस की पूछताछ में किया है। आरोपी ने कहा कि उसने यह सब अपने कमरे में रखी डायरी में लिखा है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के कमरे से डायरी भी बरामद कर ली है। आरोपी ने पूछताछ में यह भी खुलासा किया है कि छह वर्षीय बेटे को रावी नदी में फेंकने के बाद खुद भी नदी में कूदने का प्रयास किया लेकिन हिम्मत नहीं कर पाया।
उसने बताया कि जब वह फोन पर पत्नी से झगड़ा कर रहा था तो उसकी वह दूसरे बेटे को भी अपने साथ ले जाने की धमकी दे रही थी। इसी गुस्से में छह वर्षीय बेटे को उठाया और परेल पुल के पास ले गया और नदी में फेंक दिया। उसने छोटे बेटे को लेकर मायके में रह रही अपनी पत्नी को फोन किया कि अब वह अपने बड़े बेटे को अपने साथ नहीं ले जा सकेगी क्योंकि उसे नदी में फेंक दिया है। इस बात को लेकर दोनों के बीच काफी देर तक बहस हुई।
पत्नी ने फोन काटा तब तक बेटा नदी में ओझल हो चुका था। उसने नदी में छलांग लगाने का प्रयास किया लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाया। कुछ देर बाद वह अपने क्वार्टर चला गया। वहां डायरी में लिखा कि मैंने अपने बेटे को नदी में फेंक दिया है। अगली सुबह वह इसी इरादे से फिर नदी में गया कि वहां छलांग लगा देगा जहां से बेटे को फेंका था लेकिन दूसरी बार भी हिम्मत नहीं जुटा पाया। वहां से बहन को फोन कर बताया कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई। इसके बाद उसने पुलिस को फोन कर अपने गुनाह की कहानी सुनाई। पुलिस ने उसके फोन कॉल की डिटेल और क्वार्टर में डायरी पर लिखे उसके नोट को भी बरामद कर लिया है। बुधवार को फोरेंसिक की टीम ने भी घटनास्थल और आरोपी के क्वार्टर का निरीक्षण किया।
उधर, इस बारे में पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि यह बात आरोपी ने स्वयं बताई है कि बेटे को नदी में फेंकने के बाद उसने दो बार नदी में छलांग लगाने की कोशिश की, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाया। उसके बाद पुलिस को अपना गुनाह बताने का फैसला लिया।
Source: Read original article
