क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर कथित ठगी के मामले में आरोपी गौरव अनिल धोते ने निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए कमांद स्थित कार्यालय में पूरा तामझाम खड़ा कर रखा था। शिकायतकर्ता के अनुसार कार्यालय में आठ बाउंसर तैनात रहते थे। रोज शाम को पूजा-पाठ और आरती करवाई जाती थी। कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को पहले खाटू श्याम के दर्शन करवाए जाते थे। इसके बाद निवेश और रिटर्न की बात होती थी। शिकायतकर्ता सुरजीत का दावा है कि इस पूरे माहौल और आईआईटी के बड़े अधिकारियों से संपर्क होने की बात से प्रभावित होकर उसने 35.05 लाख रुपये निवेश कर दिए।

सुरजीत के अनुसार कमांद में सेराफीना वेल्थ मैनेजमेंट का कार्यालय दो मंजिल में चल रहा था। यहां पहुंचने वाले लोगों से पहले जूते उतरवाए जाते थे और उन्हें खाटू श्याम के दर्शन करवाए जाते थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि कार्यालय का यह माहौल देखकर उसे संचालक और उसके कामकाज पर भरोसा हुआ। शिकायतकर्ता सुरजीत के अनुसार उसने निवेश के नाम पर कुल 35.05 लाख रुपये दिए। अलग-अलग मामलों में करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का अनुमान है।

इनमें करीब 25 लाख रुपये उसने कर्ज लेकर लगाए थे। उसे भरोसा दिलाया गया था कि 100 दिन के भीतर मूलधन वापस कर दिया जाएगा। रकम की वापसी के एवज में उसे चेक भी दिए गए थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि अब तक उसे करीब एक-दो लाख रुपये ही वापस मिले हैं, जबकि शेष रकम नहीं मिली।

ठिकाने बदल रहा आरोपी

पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्त से दूर है और देश के अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मामले में शिकायतकर्ताओं ने कंपनी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि निवेशकों से रकम लेने की पूरी प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका थी और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। एसपी विनोद कुमार ने कहा कि पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।

झांसा देकर चार करोड़ रुपये लेने का आरोप

मंडी के कमांद क्षेत्र में क्रिप्टो ट्रेडिंग में कुछ ही दिनों में रकम दोगुना करने का झांसा देकर 20 से 22 लोगों से करीब चार करोड़ रुपये लेने का आरोप लगा। सिराफिना नाम से कंपनी चलाने वाले महाराष्ट्र के अनिल गौरव धोते पर निवेश के नाम पर रकम लेने और वापस न करने का आरोप है।

Source: Read original article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed