जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति में वीरवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। घाटी के निचले इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहा। रोहतांग दर्रा, बारालाचा, शिंकुला और कुंजम दर्रा सहित कई ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं। मौसम में आए इस बदलाव से घाटी में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।

रोहतांग सहित ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी

रोहतांग दर्रे समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 5 से 10 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। बारालाचा, शिंकुला और कुंजम दर्रे के आसपास भी बर्फबारी होने से पहाड़ी क्षेत्रों का तापमान नीचे आ गया है। ऊंचे इलाकों में मौसम के इस बदलाव ने सर्दियों की आहट महसूस करा दी है।

बारिश से जनजीवन प्रभावित, गर्मी से मिली राहत

कुल्लू घाटी के निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, लंबे समय से गर्मी झेल रहे लोगों ने बारिश और ठंडक से राहत महसूस की है। मौसम बदलने से तापमान में गिरावट आई और घाटी का वातावरण ठंडा हो गया।

बागवानों की बढ़ी चिंता

बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने जहां मौसम को खुशनुमा बनाया है, वहीं बागवानों की चिंता भी बढ़ा दी है। कुल्लू घाटी में सेब समेत अन्य फलों की फसल और बागवानी कार्य मौसम पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में लगातार बारिश और तापमान में बदलाव से बागवानों को फसल की गुणवत्ता और बागों में चल रहे काम को लेकर चिंता सता रही है।

मौसम के इस बदलाव के बीच स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। दर्रों में बर्फबारी के कारण सड़क और यातायात की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

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