किशोरों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पुलिस अब 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को अभिभावकों के लिए मददगार माध्यम के तौर पर इस्तेमाल करने पर जोर देगी। अगर आपका बच्चा नशे में डूबा है तो छिपाएं नहीं, बल्कि इस नंबर पर कॉल कर मदद ले सकते हैं। नशे की ओवरडोज, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसी स्थिति में परिजन 112 नंबर पर संपर्क कर आपात सहायता मांग सकेंगे। स्कूल-कॉलेजों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री, सप्लाई या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना भी पुलिस तक पहुंचाई जा सकेगी। नशीले पदार्थ के सेवन के बाद बेहोशी, सांस लेने में परेशानी, दौरे पड़ना, अत्यधिक उलझन या अचानक स्वास्थ्य बिगड़ना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं।




ऐसी स्थिति में परिजन घबराने या मामले को छिपाने के बजाय 112 पर सूचना दे सकेंगे। कॉल के दौरान घटनास्थल का सही पता, मरीज की स्थिति और घटना से जुड़ी उपलब्ध जानकारी बताना जरूरी होगा। चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होने पर इसकी जानकारी भी दी जा सकेगी, ताकि संबंधित आपात सेवाओं तक सूचना पहुंचाई जा सके। नशे के खिलाफ लड़ाई में 112 का इस्तेमाल केवल आपात चिकित्सा स्थिति तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूल, कॉलेज, छात्रावास और युवाओं की आवाजाही वाले इलाकों में नशीले पदार्थों की बिक्री या सप्लाई की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दी जा सकेगी।

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