चारों तरफ पानी का सैलाब… नीचे तबाही और ऊपर पहाड़ी पर जिंदगी बचाने की जद्दोजहद। रात कब बीती और सुबह कब हुई, इसका शायद ज्ञान सिंह को भी अंदाजा नहीं रहा। हर पल यही डर था कि कहीं अगला सैलाब उन्हें भी अपने साथ न बहा ले जाए। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। आखिरकार नेपाल की सेना का हेलीकॉप्टर पहुंचा और मौत के मुंह से निकलकर मंडी का यह बेटा अपने घर लौट आया।
सुंदरनगर उपमंडल के मलोह गांव निवासी 50 वर्षीय ज्ञान सिंह नेपाल में आई भीषण आपदा के दौरान करीब दो दिन और एक रात पहाड़ी पर फंसे रहे। जब वह सकुशल घर पहुंचे तो परिवार की आंखों में खुशी के आंसू थे। पत्नी कलावती के लिए पति को सामने देखना किसी चमत्कार से कम नहीं था।
ड्यूटी कर रहे थे, अचानक मौत बनकर आया सैलाब
ज्ञान सिंह पिछले करीब 30 वर्षों से पावर प्रोजेक्टों में काम कर रहे हैं। पिछले आठ महीने से वह नेपाल के एक पावर प्रोजेक्ट में फोरमैन के पद पर तैनात थे। आपदा के दिन भी वह रोज की तरह पावर हाउस में अपनी ड्यूटी कर रहे थे।
अचानक हालात बदल गए। देखते ही देखते पानी का तेज सैलाब आया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। किसी को कुछ समझ नहीं आया कि किधर भागें। ज्ञान सिंह भी अन्य लोगों के साथ जान बचाने के लिए पहाड़ी की ओर दौड़ पड़े।
पीछे मुड़कर देखा तो मंजर इतना भयावह था कि रोंगटे खड़े हो जाएं। पानी का शोर, चारों तरफ मची तबाही और जिंदगी बचाने के लिए भागते लोग… उस वक्त किसी को नहीं पता था कि अगला पल किसके लिए क्या लेकर आएगा।
दो दिन पहाड़ी पर, हर पल मौत का डर
ज्ञान सिंह और उनके साथ कई लोग पहाड़ी पर पहुंच तो गए, लेकिन मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई थी। नीचे उतरना संभव नहीं था और चारों तरफ पानी का कहर जारी था। ऐसे में उन्होंने एक रात और दो दिन पहाड़ी पर ही गुजारे।
ज्ञान सिंह बताते हैं कि एक समय ऐसा भी लगा कि शायद अब यहां से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। हर गुजरते घंटे के साथ बस एक ही उम्मीद थी कि कोई मदद पहुंच जाए। आखिरकार वह इंतजार खत्म हुआ। नेपाल की सेना ने हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें और वहां फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
करीब 100 लोगों के दल में थे, अधिकांश सुरक्षित निकले
ज्ञान सिंह के अनुसार, जिस स्थान पर वह फंसे थे, वहां करीब 100 लोगों का दल मौजूद था। इनमें से अधिकांश लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। हालांकि, एक युवक के अब भी फंसे होने की जानकारी है। वहीं, जिस पावर प्रोजेक्ट में ज्ञान सिंह काम कर रहे थे, वहां करीब 98 लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस खबर ने आपदा की भयावहता को और बढ़ा दिया है।
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