जांच में सोसायटी के रिकॉर्ड और संबंधित बैंकों के अभिलेखों में भारी अंतर सामने आया है। आरोप है कि जाली एफडीआर और अन्य दस्तावेज तैयार कर उन पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए और उन्हें वास्तविक दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया गया।

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो।
– फोटो : अमर उजाला
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