धरती का बढ़ता तापमान वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। इसका मुख्य कारण वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में लगातार वृद्धि है। जंगल इस गैस को अवशोषित कर कार्बन भंडार के रूप में कार्य करते हैं, लेकिन जब जंगल जलते हैं, तो यही कार्बन वायुमंडल में वापस चला जाता है, जिससे तापमान बढ़ता है। इस बात का खुलासा डॉ. अशोक कुमार सोमल, स्वराज सत्याग्रही व पर्यावरण प्रेमी ने किया है।
उन्होंने कहा गर्मियों में जंगल जलते हैं और बरसात में भूस्खलन, बाढ़ और जलस्रोतों के सूखने की समस्या उत्पन्न होती है। इससे न केवल हवा और पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन भी बिगड़ जाता है। जंगलों की यह क्षति पृथ्वी के जलवायु संतुलन को बनाए रखने की उनकी क्षमता को कम कर देती है।
इसलिए, हम सभी का कर्तव्य बनता है कि अपने आसपास के जंगलों को आग से बचाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। शोध से पता चलता है कि जंगलों में लगने वाली आग का एक बड़ा कारण मानवीय लापरवाही होती है। ऐसे में हमें संकल्प लेना चाहिए कि –
- खुद आग लगने का कारण नहीं बनेंगे।
- जंगलों में आग लगने की स्थिति में उसे बुझाने में सहयोग देंगे।
- अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देंगे।
धरती को बचाने के लिए हमें जंगल बचाने होंगे। आइए, इस अभियान में शामिल होकर प्रकृति को संरक्षित करने का संकल्प लें।