शिमला। न्यूज व्यूज पोस्ट।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ समाप्त हो गया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार सदन की कार्यवाही कुल 73 घंटे चली और 110 प्रतिशत उत्पादकता के साथ यह सत्र एक नया रिकॉर्ड बना गया।
जनहित के मुद्दों पर रही चर्चा
सत्र के दौरान 572 तारांकित और 496 अतारांकित प्रश्न सदन में उठाए गए, जिन पर विधायकों ने चर्चा की। इसके अलावा, 15 महत्वपूर्ण विषयों को शून्यकाल के दौरान सदन में लाया गया, जिससे यह सत्र जनहित से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा।
महत्वपूर्ण विधेयकों को मिली मंजूरी
इस बार सदन में 8 से 9 विधेयक पारित किए गए, जिनमें विधायकों के वेतन और भत्तों में संशोधन से जुड़ा बिल भी शामिल रहा। ये विधेयक प्रदेश की नीतियों को प्रभावी बनाने की दिशा में अहम साबित होंगे।
होली के कारण रद्द हुई एक बैठक
हालांकि, सत्र में 16 बैठकें प्रस्तावित थीं, लेकिन होली के उपलक्ष्य में एक बैठक नहीं हो सकी, जिससे कुल 15 बैठकें आयोजित हुईं। बावजूद इसके, विधानसभा की कार्यवाही बेहद प्रभावी रही और रिकॉर्ड उत्पादकता के साथ संपन्न हुई।
सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
सभी चर्चाओं और विधेयकों पर निर्णय लेने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस ऐतिहासिक बजट सत्र ने न केवल विधायी कार्यों को गति दी, बल्कि प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े अहम विषयों पर सार्थक चर्चा का मंच भी प्रदान किया।