हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने सरकार को घेरा। उन्होंने नियम 130 के तहत स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर चर्चा की। रणधीर ने भाजपा की चार्जशीट में 32 कांग्रेस नेताओं के नाम होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार भाजपा चार्जशीट की जांच करा रही है, तो मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्ष जांच हो, क्योंकि इनके नाम भी चार्जशीट में शामिल हैं।उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। हिमकेयर के लंबित भुगतान और रिक्त पदों को लेकर सरकार को घेरा। केंद्रीय धनराशि के उपयोग पर भी प्रश्नचिह्न लगाया।
उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग से मिले 521 करोड़ रुपये में से सरकार आधी राशि भी खर्च नहीं कर सकी। 15 क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्वीकृत होने के बावजूद उनका निर्माण शुरू नहीं हुआ। रणधीर ने बताया कि हिमकेयर योजना के तहत आईजीएमसी के करीब 80 करोड़ रुपये लंबित हैं। टांडा मेडिकल कॉलेज के 72 करोड़ रुपये और एम्स के 60 करोड़ रुपये का भुगतान भी रुका है। पीजीआई के 20 करोड़ रुपये का भुगतान भी लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिक्त पद भरने के बजाय पुरुष और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संवर्ग समाप्त किए जा रहे हैं। नयना देवी आदर्श संस्थान में रिक्तियां और अपने क्षेत्र में डॉक्टरों के 13 खाली पद भरने की मांग की गई।
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