शिमला, न्यूज व्यूज पोस्ट।
– हिमाचल प्रदेश पुलिस को नशे के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पंजाब के तरनतारन जिले से मुख्य सरगना बूटा सिंह को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान में बैठे ड्रग माफिया से जुड़े हो सकते हैं।
गिरफ्तारी की अहम कड़ी: 17 दिन पहले पकड़े गए थे तीन तस्कर
13 मार्च को शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र में पुलिस ने एक कार से 252 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। कार में सवार तीन तस्कर – राज कुमार (38), जगदीश (32) और जतिंदर (32), जो पंजाब के फिरोजपुर जिले के निवासी हैं, मौके पर ही गिरफ्तार कर लिए गए थे। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि यह खेप रोहड़ू निवासी कपिल राजटा को सप्लाई की जानी थी।
कपिल राजटा की गिरफ्तारी के बाद उसके ठिकानों की तलाशी में पुलिस को 4.5 लाख रुपये नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और तस्करी से जुड़े अन्य उपकरण मिले। यही सुराग पुलिस को इस गिरोह के मुख्य सरगना बूटा सिंह तक ले गया।
तरनतारन में दबिश, सरगना गिरफ्तार
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पंजाब के तरनतारन जिले के सिंदवा गांव में दबिश दी और वहां से बूटा सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस को संदेह है कि बूटा सिंह पंजाब के बॉर्डर इलाकों से हिमाचल समेत कई राज्यों में चिट्टा सप्लाई करता था।
पाकिस्तान से कनेक्शन की जांच शुरू
सूत्रों के मुताबिक, बूटा सिंह का नेटवर्क पाकिस्तान से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गिरोह पाकिस्तान से नशे की खेप किस माध्यम से मंगवाता था और इसे हिमाचल तक पहुंचाने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया जाता था।
शिमला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम बूटा सिंह से गहन पूछताछ कर रहे हैं। जल्द ही इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और तस्करी के तौर-तरीकों का खुलासा किया जाएगा।”
हिमाचल में बढ़ती नशा तस्करी: पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
हाल के वर्षों में हिमाचल प्रदेश नशा तस्करों के लिए एक नए गढ़ के रूप में उभरा है। पड़ोसी राज्यों से हेरोइन और अन्य मादक पदार्थ यहां लाकर युवाओं को इसका आदी बनाया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि तस्कर अब हिमाचल को अपने व्यापार का नया केंद्र बनाने की कोशिश में हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब बूटा सिंह के कॉल डिटेल्स और बैंक खातों की जांच कर रही है। साथ ही, पंजाब और हिमाचल में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।