किसानों को कृषि उपकरणों पर राहत देने के लिए शुरू की गई अनुदान योजना में उनके साथ बड़ा खेल हो रहा है। 10 हजार की सब्सिडी के लिए किसान को बाजार कीमत से 7,500 रुपये ज्यादा देकर ब्रश कटर खरीदना पड़ रहा है। बाजार में ब्रश कटर 12,500 रुपये में मिल रहा है, लेकिन सब्सिडी के लिए इसे 20 हजार रुपये में खरीदना पड़ रहा है।
किसान को सब्सिडी के लिए पहले ही 7,500 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। यही नहीं, अलग-अलग कंपनियों के पावर वीडर्स में भी बाजार कीमत और पोर्टल पर मंजूर सरकारी कीमत में हजारों का अंतर है। किसान मर्जी से बाजार रेट पर उपकरण खरीदकर सब्सिडी का लाभ नहीं ले सकता। उसे पहले पोर्टल पर आवेदन करना होता है और स्वीकृत व्यवस्था के अनुसार ही उपकरण खरीदना पड़ता है।
बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध उपकरण और सब्सिडी के लिए तय कीमत में अंतर होने से किसान के सामने अधिक कीमत पर उपकरण खरीद की मजबूरी बन रही है। जीएसटी के कारण बिल और बढ़ने का भी असर पड़ रहा है। शिमला के एक अन्य विक्रेता ने बताया कि दो हॉर्स पावर का होंडा एफ-300 बेस मॉडल का पावर वीडर बाजार में करीब 48 हजार रुपये में उपलब्ध है। सब्सिडी लेने के लिए इसे 55,488 रुपये में खरीदना होगा। इस कीमत पर बिल बनने के साथ जीएसटी का भुगतान भी करना होगा। ऐसे में किसान को बाजार कीमत से हजारों रुपये ज्यादा देने पड़ रहे हैं।